शिव की उपासना और व्रत रखने से क्या-क्या फल मिलते हैं….

शिव की उपासना और व्रत रखने से क्या-क्या फल मिलते हैं….
 
* माना जाता है कि महाशिवरात्रि के सिद्ध मुहूर्त में शिवलिंग को प्राण प्रतिष्ठित करवाकर स्थापित करने से व्यवसाय में वृद्धि और नौकरी में तरक्की मिलती है।
 
* शिवरात्रि के प्रदोष काल में स्फटिक शिवलिंग को शुद्ध गंगा जल, दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से स्नान करवाकर धूप-दीप जलाकर मंत्र का जाप करने से समस्त बाधाओं का शमन होता है।
 
* बीमारी से परेशान होने पर और प्राणों की रक्षा के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। याद रहे, महामृत्युंजय मंत्र का जाप रुद्राक्ष की माला से ही करें। मंत्र दिखने में जरूर छोटा दिखाई देता है, किंतु प्रभाव में अत्यंत चमत्कारी है।
 
मंत्र इस प्रकार है-
* ” ॐ नमः शिवाय “
 
* ” ॐ ऐं ह्रीं शिव गौरीमय ह्रीं ऐं ऊं।”
 
* महिलाएं सुख-सौभाग्य के लिए भगवान शिव की पूजा करके दुग्ध की धारा से अभिषेक करते हुए निम्न मंत्र का उच्चारण करें।
मंत्र : - “ॐ ह्रीं नमः शिवाय ह्रीं ॐ।”
 
* लक्ष्मी अपने श्री स्वरूप में अखंड रूप से केवल भगवान शिव की कृपा से ही जीवन में प्रकट हो सकती हैं। अखंड लक्ष्मी प्राप्ति हेतु निम्न मंत्र की दस माला का जाप करें।
 
मंत्र-  ” ॐ श्रीं ऐं ॐ।”
 
* शादी में हो रही देरी दूर करने के लिए इस मंत्र के साथ शिव-शक्ति की पूजा करें।
मंत्र - ” हे गौरि शंकरार्धांगि यथा त्वं शंकरप्रिया।
तथा मां कुरु कल्याणी कान्तकांता सुदुर्लभाम।।”
 
* संपूर्ण पारिवारिक सुख-सौभाग्य हेतु निम्न मंत्र का जाप भी कर सकते हैं।
मंत्र-  ” ॐ साम्ब सदा शिवाय नम:।”
 
* संपूर्ण महामृत्युंजय मंत्र *
 
 ” ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनात् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ “
 
 

ज्योतिर्विद् पं. प्रदीप कुमार

सम्पर्क: मो. 9438741641 {Call / Whatsapp}

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जय माँ कामाख्या

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