शरीर और घर की रक्षा के लिए शाबर रक्षा कवच :

शरीर और घर की रक्षा के लिए शाबर रक्षा कवच :
 
कभी-कभी किसी स्थान आदि के प्रभाव के कारण नकारात्मक शक्तियाँ अपना प्रभाव दिखाना शुरू कर देती है | ये नकारात्मक शक्तियाँ जैसे : नजर के दोष, भूत-प्रेत जैसी ऊपरी बाधा का आना मानसिक व शारीरिक रूप से कमजोर व्यक्ति को अपना शिकार बनाती है | उसके साथ ही ये शक्तियाँ ऐसे व्यक्तियों के घर पर अपना प्रभाव दिखाती है जहाँ साफ़-सफाई न रहती हो, घर में कलह रहता हो, पाठ-पूजा न होती हो या फिर घर किसी ऐसी स्थान के आस-पास हो जिसके आस-पास नकारात्मक शक्तियों का वास हों |
 
आज हम आपको 2 ऐसे शाबर मंत्रों के विषय में जानकारी देने वाले है जिनके प्रयोग से आप स्वयं पर या परिवार पर एक प्रकार से रक्षा कवच बना सकते है जिसके प्रभाव से नकरात्मक शक्तियां दूर होती है |
 
 
स्वयं के शरीर की रक्षा के लिए शाबर मंत्र : –
“ॐ नमः वज्र का कोठा
जिसमें पिण्ड हमारा पैठा
ईश्वर की कुंजी , ब्रह्मा का ताला
मेरे आठोंयाम का यती हनुमन्त रखवाला | ”
 
उपरोक्त शाबर मंत्र को लगातार 21 दिनों तक दीपक जलाकर अपने सामर्थ्य अनुसार अधिक से अधिक जप करें | इसके बाद जब भी आप इस मंत्र को सात बार पढेंगें तो आपके शरीर पर रक्षा कवच बन जायेगा | अब आप पर कोई भी ऊपरी शक्ति का प्रभाव नहीं हो पाएगा |
 
 
घर की रक्षा के लिए शाबर मंत्र : –
“हाट चलते बाट बांधू
बाट चलते घाट बांधू
स्वर्ग में राजा इन्द्र बांधू
पाताल में वासुकी बांधू
शिकाली बाँध तोड़ के मछली
मारू टेंगरामाछ मारी गाछ
फुट डाल कारू फूले उठे तार
खाईबन किते उजार आये
आगे बांधू पाछू आये |
पाछू बांधू बाँये दाँये बांधू
यह बंधन को बाँधत ईश्वर
ईश्वर महादेव बांधू देवे हित घर में
सहदेव हम सोय रहेउँ
अकेला लोहे के दो कला
माँस कर पत्थर हावेला
काटे कूट बड़े पिता धर्म की दुहाई |”
 
 
उपरोक्त मंत्र को दीपक जलाकर 7 दिन तक 21 बार मंत्र जप करें | 8 वें दिन अपनी मुठ्ठी में सरसों लेकर 21 बार इस मंत्र को पढ़कर घर के चारों और धीरे-धीरे सरसों को छिड़क दे | इससे आपका घर बंध जायेगा | फिर आपको किसी भी प्रकार की ऊपरी शक्ति से कोई भय नहीं रहेगा | इस प्रकार का प्रयोग आप किसी अन्य व्यक्ति के घर पर भी धर्मार्थ के रूप में कर सकते है |
 
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